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अतिक्रमण हटाने गई वनविभाग की टीम पर हुआ हमला, लाठी, डंडे और धारदार हथियार लेकर टूट पड़े सैकड़ों ग्रामीण, वन्यकर्मियों के हथियार छीने, किया लहूलुहान, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ

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श्योपुर जिला में वनविभाग की जगह पर अतिक्रमण कर रहे ग्रामीणों को हटाने गई वनविभाग की टीम पर एक सैकड़ा से ज्यादा लोगों ने एक राय होकर लाठी-डंडे, कुल्हाड़ी और पत्थरों से हमला कर दिया। ग्रामीणों ने डिप्टी रेंजर की लाइसेंसी बंदूक भी छीन ली और कुल्हाड़ी मारकर उन्हें घायल कर दिया। अन्य वन कर्मियों को भी मारपीट करके मौके से खदेड़ दिया। इस हमले में एक ड्राइवर और डिप्टी रेंजर सहित दो लोग घायल हुए हैं।

मारपीट का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें ग्रामीण वन कर्मियों को मारते पीटते हुए नजर आ रहे हैं। अब ग्रामीण वन कर्मियों पर महिलाओं को मारने पीटने, झोपड़ियों को तोड़ने और बंदूक से फायरिंग करने के आरोप लगा रहे हैं, उन्होंने डिप्टी रेंजर से छीनी हुई बंदूक को जिला मुख्यालय पर पहुंचकर भाजपा विधायक सीताराम आदिवासी के सामने पुलिस के सुपुर्द किया है।

मामला जिले के रघुनाथपुर थाना इलाके के रामपुरा – भैरूपुरा गांव के पास के जंगल का है, जहां जंगल को अपने पूर्वजों की पुश्तैनी जमीन बताकर वहां पर झोपड़ी बनाकर जमीन पर खेती करने का काम कर रहे रामपुरा और भैरूपुरा गांव के सहरिया आदिवासी समाज के लोगों ने वन विभाग टीम पर तब हमला कर दिया।

ग्रामीणों ने बड़े-बड़े लाठी-डंडे लेकर और पथराव करके वन विभाग टीम की 2 गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। लाठी-डंडे और पत्थरों से हुए हमले में डिप्टी रेंजर रामजीलाल भारती को घायल कर दिया हमले में एक ड्राइवर भी घायल हुआ है। अन्य वन कर्मियों को मामूली चोटें आई हैं। जिन्होंने मौके से भाग कर अपनी जान बचाई है।

वीडियो में आरोपी हमलावर वन विभाग टीम को खदेड़ते हुए बंदूक छीनते हुए भी नजर आ रहे हैं।

घटना के बाद स्थानीय विधायक ग्रामीणों के पास पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारियों ने उनकी झोपड़ियां तोड़ दी और उन्हें जमकर मारा-पीटा। उन्होंने बताया जिस जमीन पर हम खेती कर रहे हैं वह उनकी पुश्तैनी जमीन है। इस बारे में भाजपा विधायक सीताराम आदिवासी का कहना है कि वन विभाग के लोग मनमानी कर रहे हैं। फर्जी काम करवा कर शासन को चूना लगा रहे हैं। वहां पर सहरिया आदिवासी समाज की जमीन है। सरकार ने नियम बना रखा है कि जहां पर सहरिया आदिवासी समाज के लोग खेती कर रहे हैं वह जमीन उनकी है। फिर भी यह लोग मनमानी कर रहे हैं। जबकि जमीन राजस्व की है और कई लोगों के पास उसके पट्टे भी हैं।