सागर स्मार्ट सिटी का चर्चित पहला प्रोजेक्ट रखरखाव के आभाव और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा

More articles

Shailendra Singh
Shailendra Singhhttps://followmeindia.com
सच्चाई के साथ जनता के सरोकार से जुड़ी खबरें, मकसद हंगामा खड़ा करना नहीं, अच्छी और सच्ची खबर दिखाना है।

सागर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स द्वारा सागर की पीली कोठी रॉड पर बनाया गया मल्टीकलर लाइटिंग फाउंटेन आकर्षण का केंद्र बना है। बताया गया है कि फाउंटेन चालू होने से चौराहे के आसपास हवा में नमी होगी जो धूल कण को हवा में घुलने से रोकेगी, इससे वायु गुणवत्ता और बेहतर होगी। यह सब देखकर सागर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट द्वारा पहली सागर यूनिवर्सिटी की सड़क तैयार की गई याद आ गई। इसे बनाने में सुंदरता के ताथ सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखने का दावा किया गया था। इसकी लंबाई 1.2 किमी और चौड़ाई 14 मीटर है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट द्वारा बनाया गया 10 मीटर चौड़ा कैरिज-वे और दोनों तरफ दो-दो मीटर चौड़ा पाथ-वे बुरी हालत में है। सड़क की रिटेनिंग वॉल पर डॉ. हरीसिंह गौर के बचपन से लेकर पूरे जीवन के सजीव म्यूरल्स की लाइट डेकोरेशन सब खत्म हो गया है। दीवार में एक भी लाइट जलती दिखाई नही देती है। इस पर कैट आई, स्प्रिंग पोस्ट और पाथ-वे पर पेवर ब्लॉक सब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए हैं। इसके अलावा विशेष आर्ट के तहत बनाई सुंदर आकृतियां, सुंदरता बढ़ाने के लिए इन पर लाइट इफेक्ट रखरखाव के अभाव में गायब हो गए हैं। सड़क के दोनों ओर लगाई विशेष हाइब्रिड स्ट्रीट लाइट्स में कुछ एक को छोड़कर सब बंद पड़ी है। इन लाइट्स को बिजली और सोलर पावर दोनों जलते रहना बताया गया। तीन जगह हाई मास्ट लाइट्स भी लगाई गई ये सब भी बंद पड़ी हैं।

यह योजना देखरेख के आभाव और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। इस सब पर सवाल यह है कि सरकार जो योजना लाती हैं। प्रशासन की देखरेख में वह सब लागू तो की जाती हैं। यह सब देखकर शासन/प्रशासन की वह कुशलता मानने को मजबूर होना पड़ता है, जो भ्रष्टाचार में मिलीभगत के चलते कुछ समय बाद सबका हश्र इस तरह सबके सामने होता देखा जाता है। सागर शहर को स्मार्ट सिटी के जो सपने दिखाए गए। उनमे से मल्टीकलर लाइटिंग फाउंटेन एक छोटा नजारा है। जिन योजनाओं का दम घुट गया या जिनमे अभी आस बाकी है। उस सबको सोचकर यह चमक भी क्षणिक है का अहसास सहसा (कष्ट, खतरा, अनिश्चितता या भय का सामना) ही मन मे आने लगता है।

Latest