20 गांव के वर्षा का पानी होकर गुजरने वाले नाले को बिल्डर प्रमेन्द्र (गोलू) रिछारिया ने सैकड़ों डंपर पत्थर सीमेंट लोहा से दीवार बनाकर रोका, छोटे घास की जमीन कब्जाई, नाले को हरिजन बस्ती और खेतों की तरफ मोड़ा, ग्रामीणों ने कलेक्टर और तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

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Shailendra Singh
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सागर जनपद के बम्होरी बीका पटवारी हल्का नम्बर 61 खसरा नम्बर 190, 191, 192, 193, 194, 198, 199, 204
202, 207/2 , 209, 210, 213/2, 213/3, 214 है। इससे लगे सरकारी नाला को बिल्डर प्रमेन्द्र (गोलू) रिछारिया द्वारा कब्जाए जाने का मामला सामने आया है।

यह जमीन डेंगरे परिवार , मुकेश जैन ढाना व अन्य ग्रामवासियों द्वारा सुष्मिता पति प्रमेन्द्र रिछारिया द्वारा खरीदी गई होना बताई गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रमेन्द्र उर्फ गोलू रिछारिया जो की बिल्डर है। जिसका सागर व आसपास की अन्य जगहों पर कालोनियों का निर्माण कार्य चल रहा है। वह इस तरह से विवादित जमीन खरीदता है। बम्होरी बीका में खरीदी गई जमीन से लगे एरिया में रिछारिया उसके बगल से गुजरने वाले नाले जिसका खसरा नम्बर 200 और 205 है साथ ही उससे लगी छोटे घास की जमीन जिसका खसरा नम्बर 201 है उस जमीन को कब्जाकर नाले की दिशा को हरिजनों की जमीन की तरफ मोड़ने का काम कर रहा है। इस मामले में गांव की सरपंच कविता मृगेन्द्र ने बताया कि नियमानुसार किसी सरकारी जमीन पर निर्माण कार्य शासन/ प्रशासन की देखरेख उनकी अनुमति या पंचायत से एन ओ सी मिलने की स्वीकृति पर किया जा सकता है।

रिछारिया द्वारा न इसमे कोई परमिशन ली गई है। न उसने इसकी जानकारी पंचायत को दी है। वह नाले जिसका खसरा नम्बर 200 और 205 है। वह बगैर परमिशन के उस पर से निजी तौर पर कार्य करवा रहा है। बम्होरी बीका से गुजरने वाले इस नाले से मेंनपानी, तालचिरी, मजगुआं अहीर साथ ही मिलेट्री फायरिंग रेंज एरिया और इससे लगे लगभग 20 गांव के बरसात का पानी इससे होकर गुजरता है। तेज वर्षा होने पर इसका पानी 100 फ़ीट से ज्यादा चौड़ाई पकड़कर वेग के साथ आगे बढ़ता है। खरीदी गई जमीन से लगे इस एरिया में प्रमेन्द्र रिछारिया द्वारा जेसीबी , पोकलेन और हाईवा डम्परों की मदद से बाहर से मुरम और लाल पत्थर लाकर उस पर अवैध रूप से दिन/रात काम करवा रहा है। बम्होरी गांव के सरपंच प्रतिनिधि मृगेन्द्र राजपूत, जनपद सदस्य प्रतिनिधि राजेश राजपूत, राजा ठाकुर, सुदीप ठाकुर, उमेश राजपूत, बाबू सिंह ठाकुर, शंकर गौंड, प्रमोद अहिरवार, मुकेश अहिरवार व अन्य ग्रामीणों द्वारा इस अवैध निर्माण पर रोक लगाए जाने को लेकर रिछारिया से बात की गई पर वह किसी की सुनने को तैयार नही है। जहाँ नाले को पत्थर और मुरम से भरा जा रहा है वहां मौके पर जाकर देखने पर शासकीय राशि से बने दो स्टॉप डेम दिख रहे हैं। उनमें से एक को जमीदोज और दूसरे डेम के विपरीत दिशा में ले जाकर सीमेंट और लोहे की मदद से नाले को सकरी जगह से मोड़ने का काम किया जा रहा है। इससे कुछ ही दूरी पर हरिजन बस्ती के 200 से ज्यादा घर बने हुए हैं। इन मकानों में रह रहे महेंद्र अहिरवार, सूखे अहिरवार , कमलेश अहिरवार व अन्य ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस नाले को संकीर्ण कर गलत तरह से रोकने की कोसिस की जाती है तो इस स्थिति में वर्षा के समय उसका पानी सीधे जाकर हरिजन बस्ती में भरने लग जाएगा। जिससे उससे लगे सभी घर जलमग्न हो जाएंगे। यहां रह रहीं महिलाओं का समूह इस अवैध कार्य को लेकर मौके पर ऐसा करने से मनाही करने जाता है। जहां उन्हें डरा धमकाकर रिछारिया के लोग किसी भी प्रकार की मदद से इंकार कर वहां से चले जाने की कहते हैं। ग्रामीणों द्वारा इसे रोकने की तमाम कोशिशों के बाद यह अवैध कार्य लगातार जारी है। गांव की सरपंच, जनपद सदस्य और ग्रामीणों ने मिलकर इसे रोकने के लिए सागर कलेक्टर, एस डीएम और तहसीलदार को आवेदन दिया है। ग्रामीणों द्वारा आज सागर आ रहे मुख्यमंत्री से क्षेत्रीय विधायक प्रदीप लारिया के साथ मिलकर इस विषय को उनके सामने रखने की बात की जा रही है।

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