सागर में ‘ड्रग-बस्टर’ IPS अनुराग सुजानिया की तैनाती, कटरबाजों और नशा नेटवर्क पर सख्ती की चुनौती

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Shailendra Singh
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सुरखी से शुरू हुआ करियर, 12 साल बाद जिले की कमान.. शहर में कटरबाजों का खौफ, गांव में रंजिश और माफिया गतिविधियां बनी चुनौती

 

सागर जिले में 3 मई 2026 की रात एक अहम प्रशासनिक बदलाव हुआ, जब मध्यप्रदेश सरकार ने 2014 बैच के तेज तर्रार IPS अधिकारी अनुराग सुजानिया को जिले का नया पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया। यह नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इन्होंने अपने करियर की शुरुआत इसी जिले के सुरखी थाने में बतौर प्रशिक्षु अधिकारी की थी और अब करीब 12 वर्षों बाद वे जिले की कमान संभालने लौटे हैं।

 

जिले में वर्तमान कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए नए SP के सामने कई प्रमुख चुनौतियां हैं। शहर में ‘कटरबाज’ घटनाएं चिंता का कारण बनी हुई हैं। मोतीनगर, कोतवाली और मकरोनिया क्षेत्रों में छोटी-छोटी बातों पर चाकू और कटर से हमले की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कई लोग घायल हुए हैं और कुछ मामलों में जान भी गई है।

 

इन घटनाओं के पीछे नशे के बढ़ते प्रभाव को एक महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। नाइट्रावेट, टेन प्लस जैसी दवाओं के दुरुपयोग के साथ-साथ गांजा और सेल्युशन जैसे नशीले पदार्थों का सेवन बढ़ रहा है। स्थानीय स्तर पर यह भी सामने आया है कि इन वारदातों में नाबालिगों की संलिप्तता के मामले बढ़े हैं।

कटरबाज घटनाओं के अलावा जिले के अन्य हिस्सों में भी कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां मौजूद हैं। शहर के कैंट और सदर जैसे क्षेत्रों में सांप्रदायिक संवेदनशीलता को लेकर सतर्कता जरूरी है, वहीं ग्रामीण इलाकों में पुरानी रंजिश के चलते जघन्य अपराधों की घटनाएं सामने आती रही हैं। बिजली गांव जैसे क्षेत्रों में गंभीर मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की आवश्यकता बनी रहती है।

इसके साथ ही जिले में रेत और शराब से जुड़े अवैध कारोबार भी प्रशासन के लिए चुनौती बने हुए हैं। इन नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

 

अनुराग सुजानिया (IPS) इससे पहले विभिन्न जिलों में पदस्थ रह चुके हैं। उनके पिछले कार्यकाल में नशा संबंधित मामलों में कार्रवाई, जिसमें बड़ी मात्रा में अफीम जब्ती जैसे प्रकरण शामिल हैं, के कारण उन्हें सख्त पुलिसिंग के लिए जाना जाता है। हालांकि, सागर में उनकी कार्यशैली और रणनीति का प्रभाव आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

 

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिले में बढ़ती हिंसक घटनाओं, नशे के प्रसार और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता है। ऐसे में नए पुलिस अधीक्षक की प्राथमिकताओं और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सभी की नजर रहेगी।

 

कौन हैं अनुराग सुजानिया?

-2014 बैच के IPS अधिकारी

-विभिन्न जिलों में पदस्थ रह चुके

-नशा मामलों में कार्रवाई और बड़े नेटवर्क पर काम का अनुभव

-सख्त और अनुशासित पुलिसिंग के लिए पहचान

 

मुख्य चुनौतियां ..

-कटरबाज घटनाओं पर नियंत्रण

-नशे के नेटवर्क और सप्लाई चेन पर कार्रवाई

-नाबालिगों की बढ़ती आपराधिक संलिप्तता

-सांप्रदायिक संवेदनशील क्षेत्रों में शांति बनाए रखना

-ग्रामीण रंजिश और जघन्य अपराध

-रेत और शराब माफिया पर नियंत्रण

 

सागर जिले में कानून-व्यवस्था की बहुआयामी चुनौतियों के बीच नए SP की तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब यह देखना होगा कि पुलिस प्रशासन कटरबाज घटनाओं, नशे के नेटवर्क और अवैध कारोबार पर किस हद तक नियंत्रण स्थापित कर पाता है।

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