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सागर-रहली-जबलपुर मार्ग से जुड़े हजारों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। बम्होरी बीका ग्राम पंचायत क्षेत्र में नेशनल हाईवे-44 पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज की सर्विस रोड के बीच आ रही भूमि संबंधी बाधा को दूर करने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। अधिकारियों के अनुसार आगामी लगभग 10 दिनों के भीतर नियमानुसार भू-अर्जन की कार्रवाई आगे बढ़ने के बाद रास्ते में आ रहे मकानों और भूमि का निस्तारण किया जाएगा, जिससे लंबे समय से प्रभावित निर्माण कार्य को गति मिल सकेगी।
जानकारी के अनुसार नवागत सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देशन में इस प्रकरण ने तेजी पकड़ी है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में एसडीएम अमन मिश्रा, तहसीलदार रोहित गौड़ और बम्होरी बीका के पटवारी अरविंद सिंह लोधी ने भू-अर्जन से संबंधित आवश्यक राजस्व एवं प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूर्ण कर रिपोर्ट एनएचएआई के दिल्ली मुख्यालय को भेज दी है।
गौरतलब है कि सर्विस रोड के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो पाने के कारण यह मामला लंबे समय तक लंबित रहा। इसी वजह से ओवरब्रिज निर्माण के बीच निजी भूमि और मकानों का मुद्दा सामने आया तथा निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। अब संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक दस्तावेजी एवं राजस्व कार्रवाई पूरी किए जाने के बाद समाधान का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है।
यह राहत केवल बम्होरी बीका तक सीमित नहीं है। सागर-रहली मार्ग से नरयावली, रहली और सुरखी विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली तहसीलें, कस्बे और सैकड़ों गांव जुड़े हुए हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, व्यापारी, विद्यार्थी और यात्री इस मार्ग का उपयोग करते हैं। ऐसे में निर्माण कार्य में तेजी आने से पूरे क्षेत्र को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने के बाद न केवल आवागमन की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होगा, बल्कि ओवरब्रिज परियोजना को भी नई गति मिलेगी। इससे सागर-रहली मार्ग पर यातायात अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित हो सकेगा तथा क्षेत्रीय विकास को भी बल मिलेगा।
