सागर में बीती रात जैसे मौत ने खुलेआम तांडव किया… और कुछ ही पलों के अंतराल में पांच घरों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए।
सबसे पहले सागर-बंडा रोड पर ग्राम सौरई के पास वो मंजर सामने आया, जिसे सुनकर ही रूह कांप उठे। तेज रफ्तार अज्ञात भारी वाहन ने एक बाइक को ऐसी टक्कर मारी कि उस पर सवार तीन युवक हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरे। सिर पर आई गंभीर चोटों ने उन्हें संभलने का एक मौका भी नहीं दिया… तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
तीनों की उम्र 22 साल से भी कम थी… यानी अभी जिंदगी शुरू भी नहीं हुई थी, और मौत ने उन्हें छीन लिया।
इस दर्दनाक हादसे की खबर से लोग संभल भी नहीं पाए थे कि कुछ ही देर बाद पीली कोठी स्थित स्टेट बैंक के सामने एक और दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार कंटेनर ने बाइक सवार दो युवकों को कुचल दिया… दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
पांच मौतें… और पीछे छूट गया चीखता सन्नाटा
सोचिए… उन घरों का क्या हाल होगा, जहां रात तक हंसी गूंज रही थी और अब सिर्फ चीखें और सन्नाटा है।
मां-बाप जिन बेटों के लौटने का इंतजार कर रहे थे, अब उन्हें उनकी लाशें मिलेगीं।
ये सिर्फ हादसे नहीं हैं… ये वो जख्म हैं, जो कभी नहीं भरेंगे।
क्या हम सच में सुरक्षित हैं?
लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं अब डर पैदा करने लगी हैं। हर दिन कोई न कोई परिवार उजड़ रहा है।
युवाओं की जान रफ्तार निगल रही है, तो दूसरी तरफ बीमारियां भी तेजी से लोगों को जकड़ रही हैं। बुजुर्गों में कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, वहीं युवाओं में हृदयघात जैसी अचानक मौतें भी अब आम होती जा रही हैं।
एक कड़वा सच
जिंदगी अब पहले जैसी नहीं रही…
न उम्र का भरोसा है, न वक्त का…
कभी एक लापरवाही, कभी एक टक्कर… और सब खत्म।
सागर की ये रात सिर्फ एक खबर नहीं है… ये एक चेतावनी है…
संभल जाइए… क्योंकि अगला नंबर किसका होगा, ये कोई नहीं जानता।












