दंड देना है तो भुगतेंगे, लेकिन रहली की आवाज नहीं दबेगी
गोपाल भार्गव के बयान पर ज्योति पटेल का पलटवार-‘बच्चियों ने 100 रुपये के लिए वीडियो बनाया, तो बताइए किसने दिए?
सागर। रहली विधानसभा के ग्राम बेरखेरी कला की टूटी पुलिया अब सिर्फ आवागमन की समस्या नहीं रही, बल्कि जनता की आवाज और सत्ता के जवाब का मुद्दा बन गई है। छात्राओं द्वारा अपनी परेशानी का वीडियो सोशल मीडिया पर डालने के बाद विधायक एवं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के कथित बयान पर कांग्रेस नेत्री एवं रहली की पूर्व प्रत्याशी ज्योति पटेल ने सीधे मोर्चा खोल दिया है।
टूटी पुलिया के पास खड़े होकर जारी वीडियो में ज्योति पटेल ने कहा कि अगर जनता की समस्या उठाने की सजा दंड है, तो वह हर दंड भुगतने को तैयार हैं, लेकिन रहली की जनता की आवाज उठाना बंद नहीं करेंगी।
100 रुपये किसने दिए, यह भी बता दीजिए
ज्योति पटेल ने गोपाल भार्गव के उस कथित बयान पर सवाल उठाया, जिसमें छात्राओं पर 100-100 रुपये लेकर वीडियो बनाने का आरोप लगाए जाने की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने छात्राओं और उनके परिजनों से बात की है और उनके अनुसार किसी ने उन्हें पैसे नहीं दिए। ज्योति ने सवाल किया कि यदि बच्चियों ने पैसे लेकर वीडियो बनाया था तो वह पैसा किसने दिया? किसने बच्चियों को वीडियो बनाने के लिए कहा? इसका प्रमाण क्या है?
उन्होंने यह भी दावा किया कि रामप्रसाद साहू और अमर सिंह साहू से भी बातचीत की गई। उनके मुताबिक दोनों ग्रामीणों ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वे पुलिया निर्माण के लिए अपनी जमीन तक देने को तैयार हैं।
समस्या का जवाब समाधान से दें, धमकी से नहीं
ज्योति पटेल ने कहा कि पुलिया टूटने के बाद छात्राओं को स्कूल जाने में परेशानी हो रही थी। उनके सामने नदी पार करने या कई किलोमीटर घूमकर स्कूल जाने की स्थिति थी। ऐसे में उन्होंने अपनी परेशानी का वीडियो बना दिया।
उन्होंने सवाल किया कि क्या अपनी समस्या का वीडियो बनाकर सरकार और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाना अब अपराध हो गया है?
ज्योति ने कहा कि यदि वीडियो में कही गई बात गलत थी तो उसका जवाब पुलिया की स्थिति और समाधान बताकर दिया जा सकता था। लेकिन छात्राओं पर पैसे लेने का आरोप लगाने और दंडात्मक कार्रवाई की बात करने से असली मुद्दा पीछे चला गया।
पुलिया बन रही है तो सवाल पूछना बंद कर दें?
ज्योति पटेल ने कहा कि यदि पुलिया का निर्माण हो रहा है या जल्द होने वाला है तो यह अच्छी बात है, लेकिन इससे छात्राओं की उस परेशानी का सवाल खत्म नहीं हो जाता जिसके कारण उन्हें वीडियो बनाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का काम जनता की आवाज सुनना है, आवाज उठाने वालों को कटघरे में खड़ा करना नहीं।
जहां गलत होगा, वहां बोलेंगे
ज्योति पटेल ने खुलकर कहा कि उन्हें किसी कार्रवाई का डर नहीं है।
उन्होंने कहा, आप दंड देना चाहते हैं तो हम हर दंड भुगतने के लिए तैयार हैं। लेकिन जहां भ्रष्टाचार होगा, जहां गलत होगा, जहां जनता के साथ अन्याय होगा, वहां हम आवाज उठाते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद भी वह क्षेत्र से दूर नहीं हुई हैं और जनता की समस्याओं को उठाना जारी रखेंगी।
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बच्चियों ने अपराध नहीं किया, अपनी परेशानी बताई है
ज्योति पटेल ने कहा कि बेरखेरी कला की छात्राओं ने कोई अपराध नहीं किया। उन्होंने केवल अपनी परेशानी देश के सामने रखी है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं है और जनता की आवाज को दबाकर किसी समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता।
उन्होंने दो टूक कहा-आवाज दबाना समाधान नहीं है। आवाज सुनना ही लोकतंत्र की खूबसूरती है।
रहली में अब पुलिया से बड़ा सवाल-जनता बोलेगी या नहीं?
बेरखेरी कला की पुलिया का विवाद अब भाजपा-कांग्रेस की स्थानीय राजनीति में नया मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है। एक तरफ विधायक गोपाल भार्गव का कथित बयान चर्चा में है, तो दूसरी ओर ज्योति पटेल ने इसे जनता की आवाज दबाने का प्रयास बताते हुए सीधा राजनीतिक हमला किया है।
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