खुरई के होली फैमिली कॉन्वेंट स्कूल में उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब हिंदू संगठनों से जुड़े दर्जनों युवक स्कूल के मुख्य गेट पर पहुंच गए। युवकों ने जय श्रीराम के नारे लगाए और स्कूल में धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और पुलिस को मौके पर भारी बल तैनात करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि स्कूल परिसर में तीन छात्राओं के सिस्टर बनने से संबंधित कार्यक्रम की तैयारियां चल रही थीं। इसी कार्यक्रम को लेकर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण की आशंका जताते हुए स्कूल प्रबंधन से जानकारी मांगी।
स्कूल परिसर में भी पहुंचे प्रदर्शनकारी
हंगामा कर रहे कुछ युवक स्कूल परिसर के अंदर भी पहुंच गए। स्थिति को देखते हुए देहात और शहरी थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के साथ स्कूल के कमरों में जाकर बाहर से आए लोगों से बातचीत करने की मांग की।
स्कूल परिसर में ठहरे कुछ महिला-पुरुषों ने पुलिस और युवकों को बताया कि वे लंबे समय से ईसाई धर्म को मानते हैं। हालांकि, उनके पहचान पत्रों में दर्ज नामों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाए और उनका संदेह और बढ़ गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए सभी लोगों को बाहर कर दिया।
इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों में से कुछ लोगों को बातचीत के लिए अंदर बुलाया। हालांकि, कुछ देर बाद स्कूल के बाहर फिर से हंगामा शुरू हो गया।
भीड़ में पहुंचे युवक से मारपीट का आरोप
हंगामे के दौरान स्कूल के पीछे वाले गेट के पास एक ईसाई समुदाय के युवक के साथ मारपीट किए जाने की भी बात सामने आई है। बताया गया कि युवक हंगामा देखने के लिए मौके पर पहुंचा था। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
प्राचार्या ने कहा- धर्मांतरण के आरोप निराधार
होली फैमिली कॉन्वेंट स्कूल की प्राचार्या सिस्टर केथरिन ने धर्मांतरण के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि स्कूल की तीन छात्राएं सिस्टर बनने जा रही हैं और उनके लिए यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। इसी कार्यक्रम की तैयारियां स्कूल में चल रही थीं।
प्राचार्या के मुताबिक, कार्यक्रम में शामिल होने के लिए छात्राओं के परिजन बाहर से आए हैं और स्कूल परिसर में ठहरे हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम का धर्मांतरण से कोई संबंध नहीं है।
करीब चार घंटे चला हंगामा
शुक्रवार रात शुरू हुआ विवाद करीब चार घंटे तक चलता रहा। स्थिति को देखते हुए आसपास के करीब पांच थानों से पुलिस बल बुलाया गया। देर रात तक पुलिस मौके पर मौजूद रही और स्कूल परिसर तथा आसपास के क्षेत्र में स्थिति पर नजर रखी गई।
फिलहाल पूरे मामले में पुलिस की ओर से जांच और दोनों पक्षों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।




