• Home
  • About
  • Privacy Policy
फॉलो मी इंडिया
  • Home
  • सागर
  • ताजा खबर
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • बात पते की
  • बिज़नेस
  • भारत
  • मनोरजंन
  • राजनीति
  • लाइफस्टाइल
  • समाज
  • About
  • Privacy Policy
No Result
View All Result
  • Home
  • सागर
  • ताजा खबर
  • खेल
  • दुनिया
  • देश
  • धर्म
  • बात पते की
  • बिज़नेस
  • भारत
  • मनोरजंन
  • राजनीति
  • लाइफस्टाइल
  • समाज
  • About
  • Privacy Policy
No Result
View All Result
फॉलो मी इंडिया
No Result
View All Result

Home सागर

सागर जिले की राजनीति में सत्ता का केंद्र कौन? मंत्री गोविंद सिंह या विधायक भूपेंद्र सिंह

Who is the center of power in Sagar politics? Minister Govind Singh or MLA Bhupendra Singh?

Shailendra Singh by Shailendra Singh
November 1, 2025
in सागर
0
सागर जिले की राजनीति में सत्ता का केंद्र कौन? मंत्री गोविंद सिंह या विधायक भूपेंद्र सिंह
0
SHARES
544
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

सागर। मध्यप्रदेश की राजनीति में सागर जिला हमेशा से सत्ता का केंद्र रहा है।
कभी विधायक भूपेंद्र सिंह को “प्रदेश का सेकेंड सीएम” कहा जाता था।
उनकी पकड़ इतनी मजबूत थी कि भाजपा में गृह मंत्री रहते हुए उनका प्रभाव सागर से लेकर राजधानी तक महसूस किया जाता था।
पर अब हालात बदल चुके हैं।
जिले की सत्ता का असली केंद्र आज मंत्री गोविंद सिंह राजपूत माने जाते हैं।

 

भूपेंद्र सिंह का दौर और उनका दबदबा

उस दौर में सागर से दो कैबिनेट मंत्री थे।
गोपाल भार्गव के समर्थक खुलकर तो नहीं, लेकिन भीतर ही भीतर भूपेंद्र सिंह के प्रभाव से असहज थे।
हालात ऐसे थे कि
जहां गोपाल भार्गव को छोटे कामों के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था, वहीं भूपेंद्र सिंह के कहने मात्र से बड़े से बड़ा काम हो जाता था।

उधर कांग्रेस में “किला कोठी” यानी गोविंद सिंह राजपूत का कद लगातार बढ़ रहा था।
गोविंद समर्थक खेमा सक्रिय था,
जबकि कुछ लोग जो खुद को पार्टी में उपेक्षित मानते थे,
वे अंदरखाने इसका विरोध करते दिखाई देते थे।
उस दौर में गोविंद सिंह से ज्यादा चर्चा में हीरा सिंह जिन्हें लोग “मजले अंकल” के नाम से जानते हैं, रहते थे।

 

2018 में बदली सत्ता की दिशा, दीपाली होटल का सन्नाटा

2016–17 से साफ़ होने लगा था कि सत्ता परिवर्तन की आहट है। चुनाव आते-आते कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बनता था, और आखिरकार 2018 में कांग्रेस ने सत्ता में वापसी कर ली।

इसका असर सागर पर भी पड़ा।
इससे जुड़ा एक वाक्या आज भी जिले के राजनीतिक गलियारों में याद किया जाता है।

भूपेंद्र सिंह की होटल दीपाली में 2018 के चुनाव परिणाम देखने के लिए बड़ी स्क्रीन, खाने-पीने और जश्न की पूरी व्यवस्था की गई थी।
मतगणना स्थल तक जाने वाले पत्रकारों ने होटल में खुशी का माहौल देखा।
लेकिन कुछ ही घंटों बाद जब कांग्रेस की सत्ता वापसी हुई,
तो वहीं दीपाली होटल सन्नाटे में डूब गई।
पत्रकार आज भी कहते हैं।

सत्ता की चाबी जब हाथ से जाती है, तो आबाद आशियाना भी काटने को दौड़ता है।

 

गोविंद सिंह का उभार और सिंधिया की बगावत

कांग्रेस की जीत के बाद सागर जिले में दो सत्ता केंद्र बने, एक ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमा से कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह,
दूसरे कमलनाथ खेमा से हर्ष यादव।

लेकिन यह संतुलन अधिक समय तक नहीं टिका। 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया की बगावत ने प्रदेश की राजनीति की दिशा ही बदल दी।
इस पूरी बगावत में गोविंद सिंह राजपूत की भूमिका सबसे निर्णायक रही।
सिंधिया ने जिस भरोसे के साथ अपने 26 विधायकों को इस्तीफा दिलवाया, उसमें गोविंद सिंह उनका सबसे बड़ा सहारा बने।

 

भूपेंद्र सिंह बनाम गोविंद सिंह .. भाजपा के भीतर की खींचतान

सिंधिया की बगावत के बाद शिवराज सिंह चौहान की वापसी हुई,
लेकिन अब भाजपा दो ध्रुवों में बंटती दिखने लगी,
एक तरफ भूपेंद्र सिंह,
दूसरी ओर गोपाल भार्गव और गोविंद सिंह।

धीरे-धीरे यह असहमति मुख्यमंत्री और फिर पार्टी नेतृत्व तक पहुँच गई। भूपेंद्र सिंह के बढ़ते प्रभाव को लेकर
गोपाल भार्गव, गोविंद सिंह, गौरव सिरोठिया और विधायक शैलेन्द्र जैन
ने शीर्ष नेतृत्व तक शिकायतें पहुंचाईं।
स्थिति बिगड़ने से पहले भूपेंद्र सिंह को समझाइश दी गई।

 

2023 के चुनाव और सत्ता समीकरणों का पुनर्गठन

2023 के विधानसभा चुनाव आते-आते यह स्पष्ट था कि
शिवराज सिंह को फिर मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा।
मोदी-शाह तक सागर जिले के अंदरूनी राजनीतिक मतभेदों की खबरें पहुँच चुकी थीं।

चुनाव परिणाम के बाद मोहन यादव मुख्यमंत्री बने और सबसे बड़ा झटका यह रहा कि
न तो भूपेंद्र सिंह और न ही गोपाल भार्गव को मंत्री बनाया गया।
इसके विपरीत,
गोविंद सिंह राजपूत को जिले के एकमात्र कैबिनेट मंत्री के रूप में सबसे बड़ा पावर सेंटर माना गया।

 

वर्तमान सत्ता समीकरण: गोविंद सिंह शीर्ष पर

आज की राजनीतिक तस्वीर साफ़ है,
सागर जिले की सत्ता का केंद्र अब गोविंद सिंह राजपूत हैं।
वे ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमा के प्रमुख नेता हैं और
मुख्यमंत्री मोहन यादव भी उन पर विशेष भरोसा करते हैं।
प्रदेश की कैबिनेट और संगठन दोनों में उनकी भूमिका मज़बूत है।

वहीं भूपेंद्र सिंह, अपने अनुभव और जनाधार के बावजूद,
वर्तमान सत्ता समीकरणों में पीछे दिखाई देते हैं।

 

निष्कर्ष

भूपेंद्र सिंह और गोविंद सिंह, दोनों के पास राजनीतिक कुशलता और जनसंपर्क की अपनी अलग पहचान है,
लेकिन वर्तमान परिस्थिति में सागर जिले की सत्ता का असली केंद्र गोविंद सिंह राजपूत हैं।

राजनीति का यही स्वभाव है, कब कौन हावी हो जाए, इसका अनुमान लगाना हमेशा कठिन होता है।

 

Previous Post

देवरी में दिल दहला देने वाली वारदात, बेटे ने ही कर दी माता-पिता की हत्या

Next Post

सागर में ‘प्लानर गैंग’: मकानों पर कब्ज़े से शुरू हुआ खेल, मंदिर तक हमला, 10 महीने बाद भी 40 अज्ञात आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर, न्याय अब भी अधूरा

Shailendra Singh

Shailendra Singh

सच्चाई के साथ जनता के सरोकार से जुड़ी खबरें, मकसद हंगामा खड़ा करना नहीं, अच्छी और सच्ची खबर दिखाना है।

Next Post
सागर में ‘प्लानर गैंग’: मकानों पर कब्ज़े से शुरू हुआ खेल, मंदिर तक हमला, 10 महीने बाद भी 40 अज्ञात आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर, न्याय अब भी अधूरा

सागर में ‘प्लानर गैंग’: मकानों पर कब्ज़े से शुरू हुआ खेल, मंदिर तक हमला, 10 महीने बाद भी 40 अज्ञात आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर, न्याय अब भी अधूरा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Trending
  • Comments
  • Latest
लाड़ली बहना योजना परित्याग का आदेश हुआ निरस्त, मामले को लेकर अधिकारी पर गिर सकती है कार्रवाई की गाज

लाड़ली बहना योजना परित्याग का आदेश हुआ निरस्त, मामले को लेकर अधिकारी पर गिर सकती है कार्रवाई की गाज

December 15, 2023

ज्योति का भार्गव से कड़ा मुकाबला

December 5, 2023
पूर्व भाजपा विधायक रतन सिंह के बेटे का देशी कट्टा दिखाकर अधिकारियों को धमकी देते वीडियो हुआ वायरल, पुलिस ने किया मामला दर्ज

पूर्व भाजपा विधायक रतन सिंह के बेटे का देशी कट्टा दिखाकर अधिकारियों को धमकी देते वीडियो हुआ वायरल, पुलिस ने किया मामला दर्ज

May 30, 2024
सुरखी विधानसभा के रण में “हुकुम” मदद की आस के सहारे, गद्दी पर बैठाने वाले हाथों पर क्यों नही बन पा रहा भरोसा, काँटे के मुकाबले में ऊँट आखिर किस करवट बैठेगा, एवरीथिंग फेयर इन लव एंड वार की भयंकर बिसात को कैसे तोड़ पाएगा मंत्री खेमा.. षडयंत्रो, भीतरघातों और दगाबाजी के चंगुल में फंसी इस विधानसभा का मुकाबला बेहद रोचक होने वाला है

सुरखी विधानसभा के रण में “हुकुम” मदद की आस के सहारे, गद्दी पर बैठाने वाले हाथों पर क्यों नही बन पा रहा भरोसा, काँटे के मुकाबले में ऊँट आखिर किस करवट बैठेगा, एवरीथिंग फेयर इन लव एंड वार की भयंकर बिसात को कैसे तोड़ पाएगा मंत्री खेमा.. षडयंत्रो, भीतरघातों और दगाबाजी के चंगुल में फंसी इस विधानसभा का मुकाबला बेहद रोचक होने वाला है

October 12, 2023
भयंकर बाढ़ मंदिर तो बहा ले गई पर उसमे बैठे हनुमान जी की प्रतिमा को डिगा भी न पाई, भक्तों का लगा तांता, कहा- बनाएंगे भव्य मंदिर, वीडियो देखें

भयंकर बाढ़ मंदिर तो बहा ले गई पर उसमे बैठे हनुमान जी की प्रतिमा को डिगा भी न पाई, भक्तों का लगा तांता, कहा- बनाएंगे भव्य मंदिर, वीडियो देखें

2

आईटी सेल का मतलब…

1
मुसोलिनी ने टैगोर को इटली बुलाकर क्या उनका इस्तेमाल किया था? – विवेचना

मुसोलिनी ने टैगोर को इटली बुलाकर क्या उनका इस्तेमाल किया था? – विवेचना

0
बिहार में बारिश की बेरुख़ी, सूखे की मार से किसान मुसीबत में

बिहार में बारिश की बेरुख़ी, सूखे की मार से किसान मुसीबत में

0
एक सड़क, दो दावे: नरयावली विधानसभा की ‘लाइफ लाइन’ पर सांसद-विधायक में श्रेय की होड़

एक सड़क, दो दावे: नरयावली विधानसभा की ‘लाइफ लाइन’ पर सांसद-विधायक में श्रेय की होड़

January 27, 2026
करोड़ों की सागौन पर नीति फेल: सिरोंजा काष्ठागार में न विशेष निगरानी, न स्थानांतरण, न जवाबदेही

करोड़ों की सागौन पर नीति फेल: सिरोंजा काष्ठागार में न विशेष निगरानी, न स्थानांतरण, न जवाबदेही

January 22, 2026
सुरखी में चोरियों का कहर: जैन मंदिर से चोरी, जनता सड़क पर, फिर भी थाना प्रभारी सुरक्षित.. क्यों?

सुरखी में चोरियों का कहर: जैन मंदिर से चोरी, जनता सड़क पर, फिर भी थाना प्रभारी सुरक्षित.. क्यों?

January 22, 2026
बहेरिया थाना क्षेत्र में युवक पर जानलेवा हमला, चाकुओं के वार से आंतें बाहर आईं, हालत गंभीर

बहेरिया थाना क्षेत्र में युवक पर जानलेवा हमला, चाकुओं के वार से आंतें बाहर आईं, हालत गंभीर

January 15, 2026

Recent News

एक सड़क, दो दावे: नरयावली विधानसभा की ‘लाइफ लाइन’ पर सांसद-विधायक में श्रेय की होड़

एक सड़क, दो दावे: नरयावली विधानसभा की ‘लाइफ लाइन’ पर सांसद-विधायक में श्रेय की होड़

January 27, 2026
करोड़ों की सागौन पर नीति फेल: सिरोंजा काष्ठागार में न विशेष निगरानी, न स्थानांतरण, न जवाबदेही

करोड़ों की सागौन पर नीति फेल: सिरोंजा काष्ठागार में न विशेष निगरानी, न स्थानांतरण, न जवाबदेही

January 22, 2026
सुरखी में चोरियों का कहर: जैन मंदिर से चोरी, जनता सड़क पर, फिर भी थाना प्रभारी सुरक्षित.. क्यों?

सुरखी में चोरियों का कहर: जैन मंदिर से चोरी, जनता सड़क पर, फिर भी थाना प्रभारी सुरक्षित.. क्यों?

January 22, 2026
बहेरिया थाना क्षेत्र में युवक पर जानलेवा हमला, चाकुओं के वार से आंतें बाहर आईं, हालत गंभीर

बहेरिया थाना क्षेत्र में युवक पर जानलेवा हमला, चाकुओं के वार से आंतें बाहर आईं, हालत गंभीर

January 15, 2026
फॉलो मी इंडिया

© 2023 All Right Reserved | Powered by CyberDairy Solutions

Navigate Site

  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result

© 2023 All Right Reserved | Powered by CyberDairy Solutions