सुरखी में चोरियों का कहर: जैन मंदिर से चोरी, जनता सड़क पर, फिर भी थाना प्रभारी सुरक्षित.. क्यों?

  • जैन मंदिर से 19 चांदी के छत्र चोरी, बाजार बंद और 5 घंटे चक्काजाम के बावजूद, जनता के आक्रोश पर प्रशासन और पुलिस की जवाबदेही पर सवाल

सागर जिले की सुरखी विधानसभा में लगातार हो रही चोरियों ने जनता का भरोसा पुलिस से लगभग खत्म कर दिया है। दुकानों में चोरी, खेतों से मोटर पंप और कृषि उपकरणों की चोरी अब आम बात बन गई है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि चोरों के हौसले अब धार्मिक स्थलों तक पहुंच गए हैं।

ताजा मामला 12 जनवरी का है, जब सुरखी स्थित प्रसिद्ध जैन मंदिर में चोरों ने सेंध लगाकर चांदी के 19 छत्र चोरी कर लिए। इस वारदात के सामने आते ही जैन समाज और नगर के अन्य लोग गुस्से में आ गए। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के लिए ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

 

निराश और नाराज़ जनता ने शुक्रवार को बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन किया और सुरखी थाने के सामने चक्काजाम कर दिया। महिला और पुरुष करीब 5 घंटे तक सड़क पर बैठे रहे। बाद में मौके पर पहुंचे एसडीओपी और थाना प्रभारी की समझाइश और एक सप्ताह में आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन मिलने पर प्रदर्शन समाप्त हुआ।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही चोरियों और पुलिस की निष्क्रियता के कारण अब चोरों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब मंदिर जैसे धार्मिक स्थल भी सुरक्षित नहीं हैं।

 

इस पूरे घटनाक्रम ने सुरखी थाना प्रभारी रामु प्रजापति की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि रामु प्रजापति तीसरी बार सुरखी थाने में पोस्टेड होकर आए हैं। वह एसआई (उप निरीक्षक) हैं, जबकि सामान्यतः थानों की कमान टीआई (थाना निरीक्षक) के पास होती है। इसके बावजूद उन्हें लंबे समय तक और बार-बार सुरखी और राहतगढ़ थानों में तैनात रखा गया है।

 

स्थानीय स्तर पर यह खासतौर पर आरोप और चर्चा में है कि रामु प्रजापति को स्थानीय विधायक और मंत्री गोविंद सिंह का विशेष संरक्षण प्राप्त है। लोग कहते हैं कि इसी कथित संरक्षण के कारण इतनी गंभीर घटनाओं और जनता के सड़क पर उतरने के बावजूद, उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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